परब्रह्म शिव से वरदान एवं दैहिक, दैविक और भौतिक त्रिविध तापों से मुक्ति पाने का दिन श्री महाशिवरात्रि 21 फरवरी शुक्रवार को है। शिवरात्रि का स्मरण आते ही भगवान शिव के अनेकों रूपों शिव,
ज्योतिष में साधना के लिए तीन रात्रि विशेष मानी गई हैं। इनमें शरद पूर्णिमा को मोहरात्रि, दीपावली की कालरात्रि तथा महाशिवरात्रि को सिद्ध रात्रि कहा गया है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष �
फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। महाशिवरात्रि के दिन लोग व्रत रखते है और पुरे विधि विधान से भगवान शिव की आराधना करते है इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 21 फरवरी
इस वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व 21 फरवरी को आ रहा है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है वैसे तो शिवरात्रि प्रत्येक मास में पड़ती है। लेकिन फाल्गुन मास में �
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जानकी जयंती पर्व मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक�
संकष्टी चतुर्थी का अर्थ है संकट को हरने वाली चतुर्थी होता है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन किया जाता है। हर महीने दो दिन चतुर्थी तिथि पड़ती है। जिन्हें भगवान श्री गणेश की तिथि म�
माघ पूर्णिमा का पर्व 09 फरवरी को है। इस तिथि पर तीर्थ में स्नान करने से और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के मुताबिक नर्मदा नदी के तट पर शुभव्रत नामक विद्वान ब्राह्�
हर व्यक्ति चाहता है कि उसके पास पैसों की कभी कमी न हो, उसका पर्स हमेशा पैसों से भरा रहे। इसके लिए व्यक्ति लगातार मेहनत करता है, लेकिन कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद पर्स में पैसा टिकता नही
हमारी हिंदू रीति रिवाज में कई ऐसी बातें बताई गई है जिन्हें सुनने के बाद आप को झटका तक लग सकता है लेकिन यह बिल्कुल सत्य बातें हैं हमारी हिंदू रीति रिवाज में बताया गया है कि सोने के आभूष�
भगवान शिव-शंकर के पावन पर्व महाशिवरात्रि का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन विशेष रूप से भोलेनाथ की पूजा होती है, व्रत रखा जाता है और माना जाता है कि इस व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर�